१) मैथुन करते समय स्त्री की यौनि और छाती के अलावा नाक का भीतरी भाग भी फ़ूल जाता है।
२) मानव को यौवन की चरम अवस्था १७-१८ वर्ष की आयुमें प्राप्त हो जाती है।
३) एक बार के संभोग में पुरुष की १०० केलोरी दहन होती है।
४) करीब एक तिहाई औरतें ८० के बाद भी यौन-क्रिया में संलग्न रहती है।
५) एक बार के संभोग में जो वीर्य स्खलित होता है उसमें २ से ५ मिलियन शुक्राणु होते हैं।
६) यौन क्रिया की चरम अवस्था (ओर्गास्म) के समय स्त्री-पुरुष दोनों की हृदय की धडकन १४० प्रति मिनिट हो जाती है।
७) स्त्रियां अपनी पूरे संतानोत्पत्ति काल में तीन हजार से भी ज्यादा बार सेक्स करती हैं।
८) ४० वर्ष तक के पुरुषों के लिंग मैथुन के वक्त सिर्फ़ १० सेकंड में खडे(इरेक्टेड) हो जाते हैं।
९) ४१% पुरुष और ज्यादा बार संभोग की इच्छा रखते हैं जबकि केवल २९% प्रतिशत महिलाएं रजामंद होती हैं।
२) मानव को यौवन की चरम अवस्था १७-१८ वर्ष की आयुमें प्राप्त हो जाती है।
३) एक बार के संभोग में पुरुष की १०० केलोरी दहन होती है।
४) करीब एक तिहाई औरतें ८० के बाद भी यौन-क्रिया में संलग्न रहती है।
५) एक बार के संभोग में जो वीर्य स्खलित होता है उसमें २ से ५ मिलियन शुक्राणु होते हैं।
६) यौन क्रिया की चरम अवस्था (ओर्गास्म) के समय स्त्री-पुरुष दोनों की हृदय की धडकन १४० प्रति मिनिट हो जाती है।
७) स्त्रियां अपनी पूरे संतानोत्पत्ति काल में तीन हजार से भी ज्यादा बार सेक्स करती हैं।
८) ४० वर्ष तक के पुरुषों के लिंग मैथुन के वक्त सिर्फ़ १० सेकंड में खडे(इरेक्टेड) हो जाते हैं।
९) ४१% पुरुष और ज्यादा बार संभोग की इच्छा रखते हैं जबकि केवल २९% प्रतिशत महिलाएं रजामंद होती हैं।
