देखा
जाए तो
जीभ का इस्तेमाल
एक पैशनेट किस
का ही दूसरा
तरीका है। दोनों
के बीच ज्यादा
पैशन दिखाना हो
तो इसका इस्तेमाल
शरीर के उन
खास हिस्सों पर
किया जा सकता
है, जिसको लेकर
आप पहले से
अनजान रहते हैं।
यह नई बात
नहीं कि बेहतर
ऑर्गेज्ज़्म में फोरप्ले
की भूमिका अहम
होती है। यदि
आप अपने साथी
को अच्छी तरह
से संतुष्ट
रिलेशनशिप और जोश-ए-जवानी - Love , Sex , Life , Relationship
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सेक्स लाइफ के लिए लाजवाब है इरोटिक मसाज
क्या आप जानते हैं कि हमारे शरीर में कई वासनोत्तेजक (कामुक्ता) पार्ट
होते है और जिन्हें मसाज के बाद शरीरिक और मानसिक स्तर पर एनर्जी मिलती है।
नियमित मालिश से आपको पीठ और गर्दन के दर्द में आराम पड़ सकता है, लेकिन
इरोटि मसाज आपको एक कदम आगे ले जाती है
इस दौरान शरीर के अधिकांश हिस्सों में तेल से मसाज की जाती है जो धीरे-धीरे यौन दबाव को जगाता है।
इस दौरान शरीर के अधिकांश हिस्सों में तेल से मसाज की जाती है जो धीरे-धीरे यौन दबाव को जगाता है।
यौन क्रिया की चरम अवस्था
१) मैथुन करते समय स्त्री की यौनि और छाती के अलावा नाक का भीतरी भाग भी फ़ूल जाता है।
२) मानव को यौवन की चरम अवस्था १७-१८ वर्ष की आयुमें प्राप्त हो जाती है।
३) एक बार के संभोग में पुरुष की १०० केलोरी दहन होती है।
४) करीब एक तिहाई औरतें ८० के बाद भी यौन-क्रिया में संलग्न रहती है।
५) एक बार के संभोग में जो वीर्य स्खलित होता है उसमें २ से ५ मिलियन शुक्राणु होते हैं।
६) यौन क्रिया की चरम अवस्था (ओर्गास्म) के समय स्त्री-पुरुष दोनों की हृदय की धडकन १४० प्रति मिनिट हो जाती है।
७) स्त्रियां अपनी पूरे संतानोत्पत्ति काल में तीन हजार से भी ज्यादा बार सेक्स करती हैं।
८) ४० वर्ष तक के पुरुषों के लिंग मैथुन के वक्त सिर्फ़ १० सेकंड में खडे(इरेक्टेड) हो जाते हैं।
९) ४१% पुरुष और ज्यादा बार संभोग की इच्छा रखते हैं जबकि केवल २९% प्रतिशत महिलाएं रजामंद होती हैं।
२) मानव को यौवन की चरम अवस्था १७-१८ वर्ष की आयुमें प्राप्त हो जाती है।
३) एक बार के संभोग में पुरुष की १०० केलोरी दहन होती है।
४) करीब एक तिहाई औरतें ८० के बाद भी यौन-क्रिया में संलग्न रहती है।
५) एक बार के संभोग में जो वीर्य स्खलित होता है उसमें २ से ५ मिलियन शुक्राणु होते हैं।
६) यौन क्रिया की चरम अवस्था (ओर्गास्म) के समय स्त्री-पुरुष दोनों की हृदय की धडकन १४० प्रति मिनिट हो जाती है।
७) स्त्रियां अपनी पूरे संतानोत्पत्ति काल में तीन हजार से भी ज्यादा बार सेक्स करती हैं।
८) ४० वर्ष तक के पुरुषों के लिंग मैथुन के वक्त सिर्फ़ १० सेकंड में खडे(इरेक्टेड) हो जाते हैं।
९) ४१% पुरुष और ज्यादा बार संभोग की इच्छा रखते हैं जबकि केवल २९% प्रतिशत महिलाएं रजामंद होती हैं।
नहीं लगता मन तो करें सैक्स
दिमाग की आवारागर्दी में 30 परसेंट तक
की कमी आ जाती है सेक्स के दौरान। हॉवर्ड यूनिवर्सिटी के मैथ्यू
किंलिंग्सवर्थ और उनके सहयोगी डेनियल गिलबर्ट ने इस संबंध में एक स्टडी की
और पाया कि लोग दिन में सपने (डे-ड्रीमिंग) इसलिए करते हैं ताकि उनका खराब
मूड ठीक हो सके।
लेकिन देखा यह गया है कि व्यक्ति के मूड को बेहतर करने में डे-ड्रीमिंग
केवल बहुत थोडा सा ही रोल अदा करती है। कैलिफॉर्निया यूनिवर्सिटी के जोनाथम
स्मॉलवुड के अनुसार निगेटिव मूड और माइंड-वॉन्डरिंग का
बैठकर संभोग करने में अलग अनुभव
हर व्यक्ति चाहता है कि वो सेक्स के दौरान अपने पार्टनर को पूरी तरह
संतुष्ट करे। यही नहीं खुद भी सेक्स की असीम अनुभूति में खो जाए। आप भी
सोचते होंगे, रात को यादगार कैसे बनाया जाए। हो सकता है एक ही पोजीशन में
सेक्स करते-करते भी आप ऊब गए हों।
आइये हम आपको बताते हैं कि आप
अपने साथी के साथ गुजारी गई रात को कैसे बेहतरीन बना सकते हैं। यहां हम
आपको कुछ टिप्स बताएंगे, जो वात्सयायन के कामसूत्र में दी गई हैं। इसके
लिए पोजीशन बदलने की जरूरत है। संभोग के तुरंत बाद मूत्र विसर्जन!
सेक्स से जुड़ी भ्रांतियों में संभोग के तुरंत बाद मूत्र विसर्जन और योनि में जलन
कई
महिलाओं व पुरुषों का मानना है कि संभोग के तुरंत बाद महिला यदि मूत्र
विसर्जन कर दे, तो वह गर्भवती नहीं होती। यही सोच कर कई बार वे कंडोम का
प्रयोग नहीं करते। कई बार जब बिना कंडोम के संभोग करना होता है, तब भी लोग
ऐसा करते हैं। वे सोचते हैं कि संभोग के तुरंत बाद अगर महिला मूत्र
विसर्जित कर देगी, तो मूत्र के साथ-साथ वीर्य भी निकल जायेगा और गर्भधारण
नहीं होगा। जबकि ऐसा कुछ नहीं है। मूत्र मूत्राशय से निकलता है और वीर्य
गर्भाशय की ओर जाते हैं। दोनों का एक दूसरे से कोई संबंध नहीं। रही बात
गर्भधारण की तो यह कुछ सेकेंड का खेल होता है।
महिला को तृप्त करने के तरीके
अगली चीज जो आप अपने हाथों से कर सकते हैं वह है उसका जी-स्पॉट खोजना .
शुरुआती दौर में यह काफी कठिन होता है लेकिन यदि धैर्य के साथ यह किया जाय
तो आगे जाकर यह काफी आनंद देता है.
इसके लिये उसे पेट के बल लिटा दें और उसके नितंब के नीचे तकिया लगा दें. उसके योनि की बाह्य दीवार से सटाते हुए अपनी दो उंगलियां अंदर डालें. योनिद्वार से गर्भाशय द्वार के बीच की दूरी के एक तिहाई हिस्से पर हस्त क्रिया के दौरान उसे काफी आनंद की अनुभूति होती है.
इसके लिये उसे पेट के बल लिटा दें और उसके नितंब के नीचे तकिया लगा दें. उसके योनि की बाह्य दीवार से सटाते हुए अपनी दो उंगलियां अंदर डालें. योनिद्वार से गर्भाशय द्वार के बीच की दूरी के एक तिहाई हिस्से पर हस्त क्रिया के दौरान उसे काफी आनंद की अनुभूति होती है.
सेक्स क्रिया में अधिक आनन्द लेने के तरीके
सेक्स
क्रिया को लम्बे समय तक खींचने के लिए कुछ विशेष तरीकों का इस्तेमाल किया
जा सकता है जो सेक्स के आनन्द को कई गुना बढ़ा देती है। आज कई प्रकार के
वैज्ञानिक शोधों से यह ज्ञात हो चुका है कि लगभग 85 प्रतिशत पुरुषों का
वीर्यपात सेक्स क्रिया के दौरान दो मिनट में ही हो जाता है। कुछ तो ऐसे भी
पुरुषों का पता चला है कि वे 10 से 20 सेकण्ड में ही और कुछ योनि में लिंग
को प्रवेश करने के बाद ही स्खलित हो जाते हैं।
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